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Sunday, February 2, 2014

jindgi tujhe salaam...जिन्दगी तुझे सलाम




कठिन होता है रोती आँखों से हँसना
तेरे प्यार में हमने वो भी काम किया
फूट फूट कर जब रो रहा था दिल
हमने औरों को हँसाने का काम किया

रोज दर से तेरे आंसू लिए लौट आते है हम
जाओ खाली हमने तेरे दिल का मकान किया
पर अब नहीं जी सकेंगे ऐसे बिखर के हम
लो हमने जिन्दगी अब तुझे ही सलाम किया

11.20pm, 1 feb 14

10 comments:

  1. कल 03/02/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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  2. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन टेलीमार्केटिंग का ब्लैक-होल - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. बेहद शानदार रचना ....बहुत खूब प्रीती जी मज़ा आ गया आज इसे पढ़कर...


    शुभकामनाओ के साथ
    संजय भास्कर

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  4. खूबसूरत रचना ... भावमय प्रस्तुति ...

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  5. खुबसूरत अभिव्यक्ति

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  6. भावपूर्ण रचना....बधाई !

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आपने अपना बहुमूल्य समय दिया एवं रचनात्मक टिप्पणी दी, इसके लिए हृदय से आभार.