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Friday, April 4, 2014

mere hridaymohna मेरे हृदयमोहना



photo from google 
उसने  कहा  राधा  सा  प्यार   करती  हो 
तो  फिर  कन्हैया  सा  रास  रचाऊंगा  मैं
कैसे  मानूँ  बाँटना  अपने  कान्हा  को  मैं
चलो  कामेसी कृपा  से  तुम्हे  कहती  हूँ,  हाँ
मान  लिया  कि  तुम  गोपियों  का  संग  करो


रास  रचैया बनने  की  सोचे  हो
तो  एक  बात  मेरी  होगी  तुम्हे  रखनी 
करोगे  किया  गोपाला   ने  जो  तुम  भी  वही 
रहोगे,  नही  तो,  सिर्फ  मुझ  कान्ता  के  कंत 
कहा कृष्णप्रिया  ने क्या  मेरे  हृदयमोहना  सुनो  


गोपियों  के  मदन  थे वृंदावन  में  तो
रानियां  भी  कई  रही  द्वारकाधीश  की
एक  छवि  मनमोहन  की  राधा  संग  निस  दिन  थी
हर  रानी  के साथ  हरपल  तन  मन  से  रहे  मुरलीधर
तुम  भी  ऐसे  मेरे  संग  हरपल  तन  मन  से  रहो  तो  करो



6.02pm, 21 mar, 14
Kamesi -Lord Krishna’s amorous queen


5 comments:

  1. वाह... उम्दा प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...
    नयी पोस्ट@भजन-जय जय जय हे दुर्गे देवी

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  2. बहुत सुन्दर... कृष्ण-सा कोई मिल जाए, जो मन वचन निभाए. बधाई.

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