ब्लॉग में आपका स्वागत है

हृदय के उदगारों को शब्द रूप प्रदान करना शायद हृदय की ही आवश्यकता है.

आप मेरी शक्ति स्रोत, प्रेरणा हैं .... You are my strength, inspiration :)

Thursday, January 23, 2014

mere mitra .. मेरे मितरा







बग़ावत  करनी  पड़ेगी  ये  जीने  नही  देते  हैं
ख्याल  मेरे  जब  देखो  तुमसे  लिपटे  रहते  हैं

गुनाह  किया  है 
ये  अक्सर  मैंने
तुमपर  लिखा  कुछ
तुम्हे  ही  नही  सुनाया
4.40pm, 15 jan


तुमने  साथ  निभाने  के,  हंसी  देने  की  सौं  को  भले  न  निभाया
ना  मनाने  की,  दूरी  करने  की  बात  को  मेरे  मितरा  खूब  निभाया
8.05pm

बीता  एक  पखवाड़ा  तुम्हे  सुने
ना  सुना  भले  पर  याद  न  आते
यूँ  सोचों  में  हरदम  न  समाये  रहते
मानते  तुम्हे  इस  दिल  से  भी  दूरी  निभाते
8.15pm

वफ़ा  में  भले  रही  जरा  सी  बेवफाई
बेवफाई  तुमने  मितरा  दिल  से  निभायी
8.48pm 17jan 2014

हमने गम में भी वो रिश्ता निभाया है
जिसे तुमने ख़ुशी में ख़ुशी से ठुकराया है

3.10pm, 18 dec, 13
 

Wednesday, January 22, 2014

She's no longer a disaster

She's no longer a disaster
had let her go & thought she had given out the pain and I could comfortably wipe off the tears, off my heart.
pieces of broken shards were lost forever and recovery, ever..
with my every step forward, she, going backward, out of life, hope...
with each piece of shard, the mark of betrayal being engraved in her heart....
ulcerous, it will bleed ever, the duplicity giving a permanent irrecoverable scar to her heart, all lost dazzle, sparkle.....
no one will ever see her 'ever smiling face', it died dream’s death......
to her Soulmate(?) she gave away all the smiles she had.......
her words lost deep within........
yes! She's no longer a disaster, she no longer exists.........
Wiped off!!!!!!!!!!!

She's no longer a disaster.

Monday, January 20, 2014

ja ud ja जा उड़ जा


कुछ  तेरी  नजर  बदली  सी  है
कुछ  हमने  मौन  से  भांप  ली  है
9.42.am

जाने  क्या  बात  है  तेरी  वफ़ा  में
तेरे  करीब  आये  तूने  दूरी  कर  ली

जाने  क्या  बात  है  तेरी  नजर  में
मिलाई  हमसे  नजर,  नजर  बदल  ली

हम  तुझे  कैसे  क्यूँ  प्रमाण-पत्र  देंगे
तेरे  बदलते  वादों  इरादों  ने  साक्षी  दी

एक  पल  को  दुनिया  भुलाई,  नेह  से  भर  दिया
फिर  दुनिया  की  रंगीनियों  ने  नियत  बहका  दी

वफ़ा  की  कसमों  से  किया  बरी,  थी  कभी  तूने  ली
जा  हमने  तेरे  परों  को  उड़  जाने  की  स्वछंदता  दे  दी
11.58 am

 हम  चुप  चाप  चले  जायेंगे  तेरी  दुनिया  से
जैसे  कभी  तेरी  पलकों  के  तले  स्वप्न  न  पले थे
12.12 pm, 8/8/13

Tuesday, December 31, 2013

koi pagli कोई पगली


वो  जिसे  मैंने  चाँद  समझा,  चाँद छाया  मात्र  थी
परछाई  पड़ी  मुझपर,  नही  मिलन  की  बात  सखी

4.26pm, 31dec, 13
​
अब  कोई  तुम्हारा  लिखा  ना  बांचेगी
​​अब  कोई  तुमसे मीठी  बातें  ना  करेगी
अब  कोई  तुमसे  अनगिनत  सवाल  न  पूछेगी
​अब  कोई  तुम्हारे  कानों  में  सिसकी  ना  भरेगी  ​

​अब  कोई  रातों  को  ना  पुकारेगी
​अब  कोई  खिली  धूप  में  ना  दुलारेगी ​
​अब  कोई  वादों  की  याद  ना  दिलाएगी
अब  कोई  ना  तुम्हारी  यादों  से  झगड़ेगी

​अब  कोई  गीत  ना  गुनगुनायेगी
​अब  कोई  ना  रूठेगी,  ना  मनाएगी ​
​अब  कोई  आँखों  से  नेह  ना  बरसायेगी
​अब  कोई  तुम्हारा  नाम  ले  ना  पुकारेगी

​अब  कोई  नेह  भरी  उलाहना  न  देगी
​अब  कोई  शब्दों  से  तुम्हे  ना  छुएगी
अब  कोई  तुम्हे  हँसके  ना  बुलाएगी
​अब  कोई  पगली  सामने  ना  आएगी 

1.30am, 20/12/13​

Monday, December 30, 2013

mohabat se dur मोहब्बत से दूर

 
हमारी आँखें नम रहने लगी हैं बहुत
दिल की सीलन से सुगंध न मर जाये

10.37pm

कांपते होंठों पर लो फिर हंसी सजा ली हमने
कागज के फूल ही सही महफ़िल सज जायेगी

10.50 pn

हमने मोहब्बत से दूर आशियाँ बनाया है
रौशनी, खुश्बू को उसका पता नही बताया है

11.01pm, 21/11/13