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हृदय के उदगारों को शब्द रूप प्रदान करना शायद हृदय की ही आवश्यकता है.

आप मेरी शक्ति स्रोत, प्रेरणा हैं .... You are my strength, inspiration :)

Wednesday, January 16, 2013

milna mujhse मिलना मुझसे




खुद  को  देखे  अरसा  बीता  अपनी  आँखें  भेजो  ना
खुद  को  सुने  बरसों  बीते  कोई  बोल  अब  बोलो  ना
खुद  से  मिले  अरसा  बीता  जरा  मेरे  करीब  आओ  ना
खुद  को  संवारे  अरसा  बीता  उलझी  लट  सुलझाओ  ना
खुद  से  गाये  वक़्त  बीता  गीत  कानों  में  गुनगुनाओ  ना
खुद  से  बोले  बरसों  बीते  मुझसे  मुझको  अब  मिलाओ  ना
खुद  को  जाने  अरसा  बीता, मेरे, अब  मुझसे  मिल  जाओ  ना

10.59pm, 16 dec12

Tuesday, January 8, 2013

khamosh bol - ख़ामोश बोल



सभी  जी  लेते  है  किसी  को  बिछडन  ले  जाती  नहीं
हम  भी  जिन्दा  हैं  सिसकते  इस  जमीं  पर,  मरे  नहीं
दुआ  करते  हैं फिर भी  ये  मौत  हमें  क्यूँ  ले  जाती  नहीं
1.33pm,

शब्द   बहुत  हैं  मेरे  हृदय, होंठ  में
सोच  ये  है  कि  बेमोल  न  हो  जायें  जहाँ  में
7.05pm

तेरी  खामोशियाँ  बहुत  बोलती  हैं
उन्हें  जिसे  कहती  हैं  उन्हें  भी  जिनसे  नहीं  कहती  कुछ

7.24pm

मेरी  खामोशियों  की चीत्कार  गूंजी  थी
तुम  न  सुन  सके, मेरी  तन्हाई  ने  सुनी  थी
7.33pm

तुम  जले  हो  ये  कहते  हो  अक्सर  ही  तुम
तो  ये  धुंआ  कही  और  क्यों  उठ  रहा  है
7.73 pm

हमने  जो  पूछे  तुमसे  सवाल  सरे  महफ़िल
न  कह  पाओगे  न  चुप  रह  पायेगा  तुम्हारा  दिल
7.47pm, 23 /12/12




Tuesday, January 1, 2013

मैं सोचूं


जब  मैं  सोचूं  कैसा  हो  सवेरा
जानूं  जो  तन-मन  की  स्फूर्ति  लिए  हो
जब  मैं  सोचूं  कैसी  हो  मानसिकता
मन  मुस्काएं, जब  परम  शांति  लिए  हो
जब  मैं  सोचूं  हो  दर्शन  किसके
प्रभु  तुल्य  मात-पिता, और  मेरे  अपने  के
जब  मैं सोचूं  बीते  कैसा  दिवस
कहे  निर्मल  हृदय  सेवा,  नेह  से  भरा  हुआ
जब  मैं सोचूं  हो  अवसान  कैसा
मन  में  संकल्प  लिए  करना  है  बस  सबका  भला
अब 
मैं  सोचूं  जब  हर  दिवस  का  आव्हान, अवसान  हो
होंठों  पर  मुस्कान  हो, दूसरों  के  मान,  दर्द  का  भान  हो
 
7.20pm, 31/12/12