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Saturday, October 5, 2013

dil banjar दिल बंजर



इतना न रुलाओ ऐ हमराज
कि आँखों से आंसू सूख जायें

इतना न कुचलो कुसुम दलों को
दिल की जमी के टुकड़े बंजर हो जायें

6.16pm, 4 oct 13

5 comments:

  1. नवरात्रि की शुभकामनायें आदरणीया-
    सुन्दर प्रस्तुति पर बधाई

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  2. भावपूर्ण प्रस्तुति....
    नवरात्री पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ :-)

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  3. भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....

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  4. भावपूर्ण शब्द ...
    नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें ....

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