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Wednesday, October 16, 2013

दिल






वो खो गए
ज़माने के हो गए

जरा सी नजरें क्या फेरीं
घुल गए चाहत के निशान


वो नाजुक दिल रखते हैं
ऐ ज़माने संभाले रखना

10.53pm, 25 sept 13

5 comments:

  1. बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........

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  2. बहुत ही बढ़िया



    सादर

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  3. बहुत खुबसूरत

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  4. कोमल भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति।

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