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Wednesday, May 23, 2012

मैंने तो बस यूँ ही



ये मेरी दूसरी रचना "तुम कहो" के लिए दिया गया स्वयं का उत्तर है ---

तुम  मुझे  कोई  जवाब    देना 
अपने  भाव  शब्दों  में  ना  ढालना 
प्रश्नों  के  जाल  में  उलझे  हुए  हो 
सच  की  सच्चाई  से  डरे  हुए  हो 
क्या, कैसे  हुआ, सोच  सब  बंद  है 
दिल  दिमाग  में  चल  रहा  द्वंद्व  है 

तुम  स्वयं  को  परेशान    करना 
अपने  सच  का  सामना    करना 
नेह-पंखुड़ियों  को  कसकर जब  भींचे  हुए  हो 
क्यूँ  अधखुला  देखने  की  सोच  लिए  हुए  हो  
प्रीत  और  स्वयं  का  सत्य  तुम्हे  ज्ञात  है 
जग  के  पाश  खोलना, ना  बस  की  बात  है 

मैंने  तो  बस  यूँ  ही  तुमसे  पूछ  लिया  था 
आँधियों  में  सोच  का  दिया  जला  लिया  था 



12.12pm, 16/5/2012

18 comments:

  1. बढ़िया प्रस्तुति ।

    आभार ।।

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  2. मैंने तो बस यूँ ही तुमसे पूछ लिया था
    आँधियों में सोच का दिया जला लिया था

    purkashish bhaav

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  3. बहुत ही बेहतरीन रचना....
    मेरे ब्लॉग

    विचार बोध
    पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  4. मन के भीतर चल रहे अन्तर्द्वन्द्व का बहुत ही सुन्दर चित्रण
    आभार

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  5. कल 25/05/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  6. बहुत सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति!

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  7. यूँ ही पूछ लिया था , जवाब का इंतज़ार भी नहीं है !
    लिखा कुछ है , शब्द कुछ और कह रहे हैं :)

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  8. आँधियों में सोच का दिया जला लिया था'
    आँधियों में सोच का जब दिया जलता है, यकीं मानिए तब ही तो पत्थर भी पिघलता है

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  9. मैंने तो बस यूँ ही तुमसे पूछ लिया था
    आँधियों में सोच का दिया जला लिया था ..

    sundar bhav-purn rachna

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  10. बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना अंतिम पंक्तियाँ बहुत प्रभावित करती हैं keep writing best wishes.

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  11. वाह ..बहुत खूब

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  12. ‘तुम कहो’ के साथ यह भी एक सुंदर रचना....
    हार्दिक बधाई।

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  13. बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  14. प्रीत और स्वयं का सत्य तुम्हे ज्ञात है
    जग के पाश खोलना, ना बस की बात है
    kisi ka achchha lagna bas yahi sukhad ahsaas ..jine ka sahaara ho jaataa hai

    bhitar koi man me hai par bahar vah ojhal hai ...

    yahi kasak ya pidaa kavita likhvati hai ..bahut bahut khub

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