ब्लॉग में आपका स्वागत है

हृदय के उदगारों को शब्द रूप प्रदान करना शायद हृदय की ही आवश्यकता है.

आप मेरी शक्ति स्रोत, प्रेरणा हैं .... You are my strength, inspiration :)

Friday, March 1, 2013

dil दिल


वो इश्क ही क्या जो सफ़र न कराये
कभी दिल से गम तक होता है सफ़र
और कभी सभी ग़मों से रुखसत दिलाये
11.32pm, 28/2/2013





हमें  सबने, हमने  दिल  को  कहा  दिल  न  लगाना
नासमझ  पर  जाने  कैसे  तेरी  बातों  में  आ  गया 


अब  न  जाने  हम  न  ये  जहां  इस  लगी  को  बुझाना
क्या  कहूँ  ऐ  मेरे  दिल  अब  तू  गया.. तू  काम  से  गया 

3.30pm, 1/3/2013