था वादा भिगो स्नेह वर्षा में दोगे
था वादा भी संग मेघ वर्षा में डोलोगे
कहते थे कभी न पड़ने बुरी नजर दोगे
कहते थे बाहों में हरदम थामकर रखोगे
था वादा भी संग मेघ वर्षा में डोलोगे
कहते थे कभी न पड़ने बुरी नजर दोगे
कहते थे बाहों में हरदम थामकर रखोगे
न कहा नजर हरदम तेरी ही और होगी
न किया वादा तेरी हमराह मेरी डगर होगी
न किया वादा होठों से देह मेरी हमसफ़र होगी
सुन मेरी हिचकी दर्द का भान करते हो
वर्ना अस्तित्व मेरा भूले मुस्काए रहते हो
मेरे वीरानों में एक तुम ही तो साथी हो
मेले में भी रहते हरदम मेरे साथ ही हो
तुमने किये वादे कई दिवास्वप्न दिखाए भी
बीच राह छोड़ चल दिए डगर सब भुलाये भी
बिन वादे तुम्हारे सपनों को नैनों में लिया बसाये भी
फिरती रहती हूँ आज तक तेरी 'प्रीति' सीने से लगाये भी
1.03pm, 15/6/2012





